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बिजली बिल सॉफ्टवेयर में बदलाव से उपभोक्ताओं को राहत के आसार


ग्वालियर। बिजली का उपयोग नहीं करने के बाद भी उपभोक्ताओं को थमाए जाने वाले ओवर चार्जिंग के बिलों को देखकर लगने वाले झटके से अब उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश में बिजली के बिल ज्यादा आने की शिकायतों के बाद अब तीनो विद्युत वितरण कंपनियों के कामकाज को देखने वाली पावर मैनेजमेंट कंपनी हरकत में आई हैं। प्रदेश में उपभोक्ताओं के बिजली बिल जिस सॉफ्टवेयर के जरिए बिजली कंपनियां तैयार करती है उसमें बदलाव किया गया है। लिहाजा उपभोक्ता का बिजली बिल बिना कारण ज्यादा आने पर अब बिजली कंपनी खुद उसका परीक्षण करेगी। इसके बाद ही उपभोक्ता को बिल जारी किया जाएगा। बताया जाता है कि इससे उपभोक्ताओं को बे-वजह परेशान नही होना पड़ेगा और उन्हे राहत भी मिलेगी।

गड़बड़ी हुई तो जांच के बाद फिर जारी होगा बिल

सॉफ्टवेयर ऐसे पकड़ेगा गड़बड़ी
उपभोक्ता का बिजली बिल सही है या नहीं। इसकी पड़ताल खुद बिल जनरेट करने वाला सॉफ्टवेयर ही करेगा। इसके लिए अब आने वाले हर महीने के बिल की तुलना पिछले वर्ष के उसी माह से की जाएगी। ऐसे बिजली बिलों पर सॉफ्टवेयर की नजर होगी जिनका वर्तमान माह की बिजली खपत व बिल में पिछले वर्ष से 25 प्रतिशत या फिर इससे भी ज्यादा है।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद फौरन एक्शन में कंपनी
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दो दिन पहले शिवपुरी के बदरवास में भावांतर भुगतान योजना समारोह कार्यक्रम में किसानों से कहां था कि अगर बिजली कंपनी बिल ज्यादा दे तो उसे बिल्कुल न भरें। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद ही आनन-फानन में सॉफ्टवेयर में बदलाव किया गया हैं।

कंपनी मानती है आता है थोड़ा अंतर
बिजली कंपनी मानती है कि पिछले साल के बिजली बिल से वर्तमान बिल की तुलना करने पर हमेशा अंतर मिलेगा, लेकिन 25 प्रतिशत से ज्यादा का अंतर होना सामान्य नहीं है। इसलिए ऐसे बिल को लिस्टेड करके इसकी जांच की जाएगी। खुद बिजली कंपनी के अधिकारी ऐसे बिलों को जारी होने से रोकेंगे और फिर उनकी जांच करेगे। जांच के बाद ही उपभोक्ता को बिल जारी किया जाएगा।

तो बिजली अफसरों पर होगी कार्रवाई
मप्र पावर मैनेजमेंट कंपनी ने स्पष्ट आदेश दिए है कि  पिछले साल से 25 प्रतिशत से ज्यादा बिल वाले उपभोक्ताओं की जांच हर हाल में करनी होगी। अगर बिना जांच किए ऐसे उपभोक्ताओं के बिल जारी किए गए तो संबधित विद्युत अधिकारी के खिलाफ एक्शन होगा।

उपभोक्ताओं से ज्यादा राशि के बिजली बिल मिलने पर तत्काल उसका निराकरण करने के निर्देश कंपनी के सभी अधिकारियों को दिए गए है। बिल जारी करने से पहले सक्षम अधिकारी द्वारा अब पिछले वर्ष की तुलना में ज्यादा आने वाले बिजली बिलों की जांच की जाएगी। यह व्यवस्था इसी माह से लागू की गई है।
डॉ.संजय गोयल, प्रबंध संचालक मक्षेविविकं मप्र

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