-->

MP ONLINE NEWS

Breaking News

अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण गई लड़की की जान


6 साल की बच्ची की मौत के बार कमलाराजा अस्पताल में मची चीख पुकार
 
ग्वालियर : सुबह 4 बजे इंजेक्शन लगने के बाद मेरी 6 साल की बेटी वीरा की तबीयत बिगड़ने लगी। पता नहीं क्यो लेकिन अचानक उसकी घबराहट तेज हो गई। उसकी इस हालत को देखकर मैं घबरा गया। स्टाफ नर्स का कमरा खटखटाया। सब सो रहे थे। मैंने उनसे कहा, बेटी की हालत खराब हो रही है उसे देख लो, लेकिन कमरे से कोई नहीं निकला।

 वीरा जब तड़पने लगी तो मैं फिर से स्टाफ नर्स के कमरे को खटखटाया। मुझे यह कहकर लौटा दिया कि अभी सब सो रहे हैं। देखते ही देखते मेरी लाड़ो ने सुबह 6 बजे दम तोड़ दिया। सब कुछ मेरी आंखों के सामने हुआ, लेकिन मैं चाहकर भी कुछ नहीं कर पाया। ये कैसा अस्पताल हैं? जहां किसी की जान की कोई परवाह ही नहीं। मैं चीखता रहा, लेकिन किसी ने मेरी नहीं सुनी। मेरी बेटी मरी नहीं है, उसे इस कमलाराजा अस्पताल के लोगों ने मारा हंै.....। ये दर्द पिता बंटी जाटव का हैं जिसने अपनी 6 साल की बेटी को बुखार आने के कारण कमलाराजा अस्पताल में ये सोचकर भर्ती कराया था कि वह पूरी तरह ठीक हो जाएगी, लेकिन अस्पताल के स्टाफ की लापरवाही के कारण हाथो में अपनी बेटी का शव लेकर वो बिलख पड़ा।

10 दिन से थी भर्ती: 6 साल की बच्ची वीरा 10 दिन से कमलाराजा अस्पताल में भर्ती थी। बताया जाता है कि डॉक्टर लगातार उसका इलाज कर रहे थे। वह कल शाम को सोने से पहले सबसे बात कर रही थी, लेकिन इंजेक्शन लगने के कारण अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। वीरा की मौत के बाद उसकी मां अंजली और 8 साल का भाई राहुल का रो-रोकर बुरा हाल था।

इंजेक्शन लगते ही बच्ची तड़पने लगी, पिता नर्स से बोला - बचा लो मेरी लाडो को, कोई नहीं आया
 
अटेंडेंस से अभद्र भाषा से बोलता है स्टाफ
इस पूरे मामले को लेकर जब प्रदेश टुडे मौके पर पंहुचा तो कई मरीजों ने बताया कि यहां उनसे अभद्रता से बात की जाती है। अस्पताल स्टाफ से कुछ भी पूछने पर परिजनों को अभद्र भाषा में बोला जाता है। परिजनों की माने तो कुछ लोगों द्वारा जब इसकी शिकायत की गई तो उनके मरीज को इलाज के दौरान ही डिस्चार्ज कर दिया गया।

इनका कहना है
बच्ची को दो जूनियर डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने अटेंड किया था। मृतक बच्ची के परिजनों ने भी हमें लिखित शिकायत की है।  बाल एवं शिशु रोग विभागाध्यक्ष को इस पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए है।
डॉ.जेएस सिकरवार, अधीक्षक जेएएच ग्वा.

No comments

सोशल मीडिया पर सर्वाधिक लोकप्रियता प्राप्त करते हुए एमपी ऑनलाइन न्यूज़ मप्र का सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला रीजनल हिन्दी न्यूज पोर्टल बना हुआ है। अपने मजबूत नेटवर्क के अलावा मप्र के कई स्वतंत्र पत्रकार एवं जागरुक नागरिक भी एमपी ऑनलाइन न्यूज़ से सीधे जुड़े हुए हैं। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ एक ऐसा न्यूज पोर्टल है जो अपनी ही खबरों का खंडन भी आमंत्रित करता है एवं किसी भी विषय पर सभी पक्षों को सादर आमंत्रित करते हुए प्रमुखता के साथ प्रकाशित करता है। एमपी ऑनलाइन न्यूज़ की अपनी कोई समाचार नीति नहीं है। जो भी मप्र के हित में हो, प्रकाशन हेतु स्वीकार्य है। सूचनाएँ, समाचार, आरोप, प्रत्यारोप, लेख, विचार एवं हमारे संपादक से संपर्क करने के लिए कृपया मेल करें Email- editor@mponlinenews.com/ mponlinenews2013@gmail.com