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कोयला मजदूरों का अनहित कदापि नहीं मंजूर नाथूलाल पांडे एन. सी. डब्ल्यू. ए-10 समझौता नहीं मंजूर , इस समझौते में कोल इंडिया के साथ चारो यूनियन कि साठगांठ , एस.ई.सी.एल.मजदूरो के साथ किया जा रहा बड़ा धोखा।


कोयला मजदूरों का अनहित कदापि नहीं मंजूर नाथूलाल पांडे

एन. सी. डब्ल्यू. ए-10 समझौता नहीं मंजूर , इस समझौते में कोल इंडिया के साथ चारो यूनियन कि साठगांठ , एस.ई.सी.एल.मजदूरो के साथ किया जा रहा बड़ा धोखा। 

अनूपपुर /कोतमा / 

कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पांडे  ने एस ई सी एल जमुना कोतमा क्षेत्र में आज प्रेस वार्ता करके  बताया कि  में  एसईसीएल मजदूरों के साथ कैसे धोखा एवं छलावा किया जा रहा है केन्द्रीय  श्रम संगठन तो मजदूरों के हितों में लड़ाई लड़ा करती हैं किंतु हमारी एसईसीएल के कुछ यूनियन मजदूरों के हितों की परवाह ना करते हुए एन सी डब्ल्यू ए -10 समझौते पर  हस्ताक्षर कर के समझौते कर लिया और माइक  चोंगा समझौते को ऐतिहासिक  समझौता बताकर वाहवाही  अपनी लेने में जुटे हुए हैं जबकि इस समझौते से जितना एसईसीएल मजदूरों का अनहित हुआ है इसके पहले कभी भी नहीं हुआ कोयला मजदूर सभा हमेशा मजदूरों के हितों में लड़ाई लड़ता रहा है अंतिम छोर तक मजदूरों की लड़ाई लड़ने की पीड़ा मजदूर सभा यूनियन ने उठा रखी हैं ।मजदूरों की मांग व आवाज बनकर कोयला मजदूर सभा यूनियन ने बड़ी लंबी लंबी लड़ाइयां लड़ी गई सैकड़ों बार मजदूरों की लड़ाई  को अंतिम पड़ाव तक लड़ाई  लड़कर  मजदूरों  हितों में फैसले  हम ने कराए हैं ,शहडोल व छत्तीसगढ़ के जेलो में  रात विदाई है हमारे साथियों ने मजदूरों की लड़ाई लड़ते समय कभी पीठ नहीं दिखाई कोयला मजदूर सभा के  साथियों ने सीने में गोली तक खानी पड़ी किंतु मजदूरों के लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटे यह समझौता मजदूरों के हित में नहीं है इसी कारण वश कोयला मजदूर सभा समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किया  कुछ यूनियनों अपने स्वार्थ वश कोल् इंडिया से समझौते कर अपना गुणगान  गाने में लगी है 

एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र में मची है लूट

  
क्या है एन  सी डब्ल्यू  10 समझौता- अधिकारियों का वेतन मान तय होकर सामने आ चुका है भूमिगत खदानों में काम करने वाले अधिकारियों व मजदूरों की तुलना की जाए तो मजदूर अधिकारियों से अधिक काम करते हैं मजदूरों को ही अधिकतम कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है परंतु यदि अधिकारियों के वेतनमान देखें तो मालूम होता है कि उन्हें भूमिगत भत्ता पिछले समझौते की तरह 15% बरकरार रखा गया है किंतु 10 अक्टूबर 2017 के समझौते के तहत भूमिगत भत्ता मजदूरों के लिए 12.5 प्रतिशत से घटाकर 1 जुलाई 2016 को 9% तय कर हमेशा के लिए फ्रिज कर देना , रविवार छुट्टी के दिन काम करने पर दुगुना  वेतन एन सी डब्ल्यू ए 9 की  लिखावट को बदलना,सुपरवाइज़री ,माइनिंग, गोपनीय स्टाप को ओ. टी. में सीलिंग, 9.3.0./ 9.4.0./9.5.0 के साथ छेड़छाड़ करना आदि कई मुद्दों के चलते एच. एम. एस के साथियों ने हस्ताक्षर नहीं किया। 

ठेकेदार मजदूरों की मजदूरी  राशि एसईसीएल अधिकारी व ठेकेदार हड़प रहे 


कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पांडे ने बताया ठेकेदार मजदूरों को हाई पावर कमेटी द्वारा निर्धारित दर के तहत विभिन्न श्रेणी जैसे अकुशल मजदूर को 514 रुपए प्रतिदिन मजदूरी भुगतान, अर्द्रध कुशल को 556 रुपए प्रतिदिन , कुशल मजदूर को 598 रुपए प्रतिदिन एवं अत्यधिक कुशल मजदूरों को 641 रुपए प्रतिदिन मजदूरी भुगतान करना है किंतु यह भुगतान कभी भी नहीं हो रही है कागजों मे हेराफेरी  करके मजदूरी भुगतान सही दिखाया जाता है जबकि मजदूरों की खून पसीने की कमाई एसईसीएल के कुछ अधिकारी व ठेकेदार बंदरबांट कर रहे हैं। 

जमुना कोतमा क्षेत्र एसईसीएल अधिकारियों की मनमानी


कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पांडे ने कहा कि एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र में कॉलरी आवाज डिसिग  हाउस निर्माण कार्यों में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार कमीशनखोरी चल रही है जिसकी जांच जल्द ही मैं कराऊंगा ,पानी -बिजली जैसी गंभीर समस्या जल्द दूर करने का प्रयास रहेगा,स्कूल बस जो  हर शनिवार को रिपोर्टिंग करने के नाम पर एक एक बस न चलाने का आदेश कालरी प्रबंधन द्वारा जारी किया गया मैं जमुना कोतमा क्षेत्र के महाप्रबंधक से चर्चा करके एसईसीएल के सभी बसों को प्रत्येक दिन  नियमित रूप से बस चले इस पर भी चर्चा करूंगा छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दूंगा उनके पढ़ाई लिखाई पर बस के आवागमन असुविधा आड़े नहीं आएगी।


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