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सत्ता का दबाव नोकरी में नेता गिरी चल रहा मनमानी का दौर सत्ता का दबाव दे कर लेम्प्स प्रबन्धन कर रहा मनमानी

सत्ता का दबाव नोकरी में नेता गिरी चल रहा मनमानी का दौर

सत्ता का दबाव दे कर लेम्प्स प्रबन्धन कर रहा मनमानी

राजेन्द्रग्राम:-आदिमजाति सेवा सहकारिता विभाग राजेन्द्रग्राम में पदस्त लैम्स प्रबन्धक बेख़ौप  हो कर मनमानी कर रहे हैं कारण सत्ता पक्ष में मजबूत पकड़ का होना है दिवंगत सांसद दलपत सिंह परस्ते से नजदीकी रिश्ता होने का फायदा आज भी उठाया जा रहा है हर कार्य मे मनमानी की जा रही है। विक्रेताओं की भर्ती,विक्रेताओं को तय राशि से कम कमीशन,बिल बाउचरों के माध्यम से भुगतान,भुगतान में पारदर्शिता न रखना,समिति की दुकानों पर बिना निर्माण राशि का दो बार आहरण करना,समित द्वारा संरक्षित दुकानों पर अपने पुत्र का शोरूम खुलवाना,दुकानों के बीच बनी दीवाल को तोड़ना,खुद का भुगतान तय राशि से ज्यादा करना,विक्रेताओं पर अनावश्यक दबाव डालना जैसे गम्भीर आरोप लग रहे हैं किन्तु उच्च अधिकारी भी सत्ता के दबाव के सामने नतमस्तक है सत्ता पक्ष का सह मीडिया प्रभारी होना कोई छोटी बात नही होती

नियम विरुद्ध हड़प लीं दुकाने खोलवा दिया T V S शोरूम

आदिमजाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित राजेन्द्रग्राम ने समिति को अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित करने के उद्देश्य से समिति की खाली पड़ी भूमी पर 22 दुकाने बनवाई गईं जिसकी बोली के माध्यम से नीलामी कराई गई थी तब कुछ दुकाने समिति अपने कार्य हेतु संरक्षित कर रखी थी संरक्षित दुकानों को बोली प्रक्रिया से बाहर रखा गया था इन दुकानों के बीच की दीवाल हटा कर नियम विरुद्ध तरीके से लैम्स प्रबन्धक ने अपने पुत्र को सौंप दिया और मोटर सायकिल का शोरूम खुलवा दिया इतना ही नही जब इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की गई तब लीपापोती कर जांच को ही इतिश्री कर दिया गया।

दुकानों के सेड पड़े अधूरे भुगतान किया दो बार

आदिमजाति सेवा सहकारी समिति राजेन्द्रग्राम के द्वारा बनाई गई दुकानों की नीलामी पश्चात उपरोक्त दुकानों के बाहर सेड बनवाने के नाम पर फर्जीवाड़ा किया गया है। समिति के पैसों का सेड निर्माण के नाम पर दो बार भुगतान किया गया है वास्तविकता यह है कि नीलामी से प्राप्त दुकानों का सेड निर्माण दुकान मालिकों द्वारा खुद के व्यय से कराया गया है।कई दुकानों के सामने आज भी सेड नही बने हुए हैं।फिर भी सहकारिता काम्प्लेक्स के नाम से  बनी 22 दुकानों का टीने का सेड निर्माण सामाग्री पाईप, टीना सीट,मिस्त्री चार्ज,प्रत्येक कमरे का 8050 प्रति सेड के हिसाब से संस्था प्रबन्धक ने सलीम बेल्डिंग वर्क्स शहडोल के नाम 31/3/15 को 185900 की राशि नगद भुगतान कर दिया है। इस कार्य का दिनांक 15/10/17 को एक बार पुनः उसी दुकान के नाम 185900 राशि का आहरण कर लिया गया।
आखिर बिना राजनीतिक दबाव के ऐसा कैसे सम्भव है।

विक्रेताओं को मिल रहा कम कमीशन

आदिमजाति सेवा सहकारी समितियों के विक्रेताओं को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा 8400 रुपये कमीशन निर्धारित किया गया है,किन्तु राजेन्द्रग्राम लैम्स प्रबन्धक द्वारा प्रति विक्रेता को महज 7000 रुपये ही कमीशन के दिए जाते हैं वह भी बिल बाउचर के माध्यम से जब कमीशन की राशि निर्धारित है तब तय राशि बैंक खाते में क्यों नही डाली जाती,सूत्रों की माने तो लैम्स प्रबन्धक काफी गोलमाल कर मलाई खा रहे हैं प्रबन्धक खुद का बेतन भी बिल बाउचर के माध्यम से कर लेते हैं यदि सभी विक्रेताओं खर्चे आदि पेशों का सही तरीके से आहरण,भुगतान किया जाता तब बैकिंग व्यवस्था का पालन अवश्य किया जाता किन्तु ऐसा नही किया जा रहा।
इससे स्पस्ट हो रहा है कि लग रहे इल्जाम सही होंगे।

कमीशन के खेल में पूरा महकमा सामिल

कहने को तो आदिमजाति सेवा सहकारी समिति की बकायदा ऑडिटर द्वारा ऑडिट का दौर चलता रहता है फिर भी यह बात गले नही उतर रही कि बिना निर्माण कराए दुकानों के सामने बने सेड के नाम से दो बार फर्जी भुगतान हो जाता है और ऑडिटर महोदय को पता भी नही चलता। और तो और भुगतान भी नगदी... ऐसे ही फर्जी बिल बाउचरों का अंबार उक्त संस्था में देखने मिल जाएगा पर खुले आम जंहा पैसों का बन्दर बांट होता है वँहा देखने जांचने और न्याय देने वाला कोई नही होता यंहा एक ही बात चरितार्थ होती है सब एक ही थाली के चट्टे बट्टे है
खबर सूत्रों के हवाले से
कारण सूचना के अधिकार में  उक्त संस्था को नही रखा गया है

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