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आपात्र की नियुक्ती संदेह के घेरे में मामला आयुष विभाग का


आपात्र की नियुक्ती संदेह के घेरे में मामला आयुष विभाग का 

अनूपपुर/ प्रदीप मिश्रा - 8770089979

जिला आयुष कार्ययालय शहडोल मे पदस्थ प्रषान्त शुक्ला उम्र 19 वर्ष निवासी अनूपपुर की अनुकम्पा नियुक्ती दिनाॅक 20.12.2017 को आयुष संचालनालय भोपाल के आदेष पर की गई नियुक्ती आयुष विभाग की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में खड़ी करती है कारण आयुष विभाग मे पदस्थ रहे स्व.डाॅ.एस.के.शुक्ला की आकास्मिक मृत्यु पर जिसे अनुकम्पा नियुक्ती दी गई है उसका डाॅ. शुक्ला के सर्विस बुक पर नाम का नही होना है स्व.डाॅ.शुक्ला द्वारा अपनी विभिन्न जिलों मे दी गई शासकीय सेवाओं से लेकर आकास्मिक मृत्यु दिनाॅक 24.11.2011 तक सर्विस बुक पर पत्नी आरती शुक्ला एंव दोनो पुत्र श्रीकृष्ण शुक्ला,प्रमोद शुक्ला के नाम को दर्जे रखा गया था डाॅ षुक्ला की आकास्मिक मृत्यु भिन्ड जिले के रहावली तहसील लहार की पदस्थापना के दौरान हुई थी डाॅ शुक्ला एंव उनका परिवार वर्तमान में अनूपपुर जिले में रह रहा है ऐसे में प्रषान्त शुक्ला की नियुक्ती किन आधारों पर की गई हैं यह विभाग के अधिकारी ही बता सकते है विभाग पर आरोप लग रहे है की प्रषान्त शुक्ला कि नियुक्ती मिली भगत कर मापदण्डों को सिथिल करते हुऐ नियम विरूद्ध तरीके से की गई है जब कि अनुकम्पा नियुक्ती के नियमों के आधार पर जिसे नियुक्ती दी जाती है उसका सर्विस कर्ता के सर्विस बुक पर र्दज कराऐ गऐ नाम का आधार होना चाहिये था।

यह है पूरा मामला

डाॅ. सुरेष कुमार शुक्ला आयुष विभाग में पदस्थ रह कर अपनी सेवाएंे दे रहे थे उनके सर्विस काल में ही 24.11.2011 को आकास्मिक मृत्यु हो गई जिसमें अनुकम्पा नियुक्ती के प्रावधानों के अनुरूप नियुक्ती न होकर किसी अन्य को अनुकम्पा नियुक्ती दी गई है।
डाॅ. सुरेष कुमार शुक्ला की विधिवत शादी अनारकली से हुई थी जिससे डाॅ. शुक्ला एंव श्रीमती शुक्ला के दो पुत्र श्रीकृष्ण शुक्ला एंव प्रमोद शुक्ला के रूप में पैदा हुऐ थे अनारकली शुक्ला षिक्षिका रही अपने सर्विस काल में 22.09.1992 के दौरान एक हादसे में अनारकली शुक्ला की आकस्मिक मृत्यु हो गई तब डाॅ. शुक्ला ने आरती शुक्ला से दूसरी शादी की डाॅ. शुक्ला को आरती शुक्ला से भी दो पुत्र पैदा हुऐ जिनके नाम प्रषान्त शुक्ला व प्रकाष शुक्ला हैं डाॅ. सुरेष कुमार शुक्ला ने अपने जीवन काल में नौकरी के दौरान सर्विस बुक पर अनारकली शुक्ला के स्थान पर आरती शुक्ला का नाम र्दज कराया और पहली पत्नी से प्राप्त दोनों पुत्र श्रीकृष्ण शुक्ला व प्रमोद शुक्ला का नाम यथावत रहा इन परिस्थियों पर आयुष विभाग द्वारा डाॅ. शुक्ला के दूसरी पत्नी के बड़े पुत्र प्रषान्त शुक्ला की अनुकम्पा नियुक्ती पहली पत्नी के बच्चे व सर्विस बुक मे र्दज नाम प्रमोद शुक्ला को जानकारी न देते हुऐ कर दी गई है यह आयुष विभाग के कार्यप्रणाली पर प्रश्न खड़ा करती है जिसकी षिकायत प्रमोद शुक्ला ने मध्य प्रदेष के मुख्यमंत्री मध्यप्रदेष शासन स्वास्थ्य एंव आयुष मंत्री संचालनालय आयुष विभाग मध्य प्रदेष प्रमुख सचिव सहायक संचालक आयुष विभाग मुख्य सचिव संभाग आयुक्त यादि में पत्राचार कर की है प्रमोद शुक्ला की षिकायत पर आयुष विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुऐ प्रमोद शुक्ला से पत्राचार किया गया है किन्तु आज दिनाॅक तक आयुष विभाग में नौकरी कर रहे प्रषान्त शुक्ला पर कोई कार्यवाही नही की गई है।

घोषणा पत्र बना दिखावा

आयुष विभाग में अनुकम्पा नियुक्ती के माध्यम से पदस्थ प्रषान्त शुक्ला एंव उनकी माता आरती शुक्ला के द्वारा कूटरचित सपथ पत्र के माध्यम से जो घोषणा पत्र अनुकम्पा नियुक्ती के दौरान आवेदन के साथ सलंग्न किया गया है वह महज दिखावा एंव विचारणीय प्रष्न है चूॅंकि घोषणा पत्र पर आरती शुक्ला ने डाॅ. शुक्ला के मात्र दो पुत्र का होना बताया है जब कि डाॅ. शुक्ला को दोनों ही पत्नीयों से दो-दो पुत्र प्राप्त हुऐ है डाॅ. शुक्ला की प्रथम पत्नी अनारकली शुक्ला एंव सर्विस बुक में र्दज उनके दोनो पुत्रों श्रीकृष्ण शुक्ला एंव प्रमोद शुक्ला का आवेदन के समय जिकर नही करना घोषणा पत्र को महज दिखावा बनाती है साथ ही प्रषान्त शुक्ला द्वारा सपथ पत्र पर की गई घोषणा में यह कहना कि अनुकम्पा नियुक्ती होने पर क्या प्रषान्त शुक्ला खुद परिवार के सभी सदस्यों का भरण पोषण सहित अन्य जिम्मेवारी उठाएगें वहीं दूसरी तरफ अपने परिवार में अपनी माता आरती शुक्ला के अलावा अपने एक छोटे भाई प्रकाष शुक्ला बस का होना बताना घोषणा पत्र में झूठी जानकारी देना है दोनों घोषणा पत्र में कहा गया है की यदि घोषणा पत्र में गलत या भ्रामक जानकारी उक्त विभाग द्वारा कभी भी पाई जाती है तब संबधिंत विभाग गलतियों को आधार बनाकर अनुकम्पा नियुक्ती की सेवा से प्रथक कर सकता है। अनारकली शुक्ला,श्रीकृष्ण शुक्ला,प्रमोद शुक्ला का नाम प्रषान्त शुक्ला एंव आरती शुक्ला के घोषणा पत्र पर न होना उनके घोषणा पत्र को महज दिखावा एंव कूटरचित प्रष्नों का संकेत बताती है।

आयुष विभाग के अधिकारियों पर मिली भगत का अंदेषा

आयुष विभाग द्वारा डाॅ. शुक्ला के दूसरी पत्नी आरती शुक्ला के पुत्र प्रषान्त शुक्ला की नियुक्ती अनुकम्पा के माध्यम से किया जाना आयुष विभाग के अधिकारियों से बिना मिली भगत के नही की जा सकती चूॅकि डाॅ. शुक्ला की आकास्मिक मृत्यु पश्चात नोमीनेषन की राषि आरती शुक्ला श्रीकृष्ण शुक्ला एंव प्रमोद शुक्ला को दी गई है ऐसे में प्रमोद शुक्ला से बिना सहमती लिऐ दूसरी पत्नी के पहले पुत्र प्रषान्त शुक्ला को अनुकम्पा नियुक्ती दिया जाना उक्त विभाग के कर्मचारियों के मिली भगत की तरफ इसारा करते है जबकी अनुकम्पा के सर्तो पर प्रषान्त शुक्ला का नाम आरती शुक्ला,श्रीकृष्ण शुक्ला एंव प्रमोद शुक्ला के बाद आता है ऐसा भी नही है की आवेदक प्रमोद शुक्ला प्रषान्त शुक्ला से कम षिक्षा वाली योग्यता रखते है फिर भी बिना जानकारी दिऐ प्रषान्त शुक्ला की नियुक्ती आयुष विभाग में पदस्थ अधिकारियों की कार्य प्रणाली पर सवालिया निषान लगा रही है

इनका कहना है

प्रषान्त शुक्ला की ज्वाइनिंग मेरे कार्यकाल में ही दी गई है लेकिन नियुक्ती की फाईल आयुष विभाग संचालनालय के पास है इस सम्बन्ध में मुझे कोई जान कारी नही हैं। 
जिला आयुष अधिकारी शहडोल डाॅ. हेमलता सिंह

यह संचालनालय का मामला है हमारे यहां से प्रषांत शुक्ला की नियुक्ति के विषय में कुछ भी नही किया गया है
संभागीय आयुष अधिकारी ग्वालियर

डाॅ गया प्रसाद जैतवार

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