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मैदानों में भी भेदभाव : अजाक्स को टीटी नगर दशहरा मैदान, सपाक्स को 12KM दूर कलियासोत ग्राउंड



सपाक्स संगठन का सवाल, क्या मैदानों में भी आरक्षण

भोपाल : सवर्ण, ओबीसी और अल्पसंख्यकों का संगठन सपाक्स का सम्मेलन 30 सितंबर को भोपाल में होना है। लेकिन इसके स्थान को लेकर विवाद हो गया है। दरअसल प्रशासन ने कार्यक्रम के लिए कलियासोत का ग्राउंड दिया है जो शहर से 12 किमी दूर है। जबकि अजाक्स को अपने सम्मेलन के लिए टीटी नगर दशहरा मैदान दिया गया था। भाजपा का सम्मेलन जंबूरी में हो रहा है जबकि कांग्रेस का सम्मेलन भेल दशहरा मैदान में हुआ था। सपाक्स ने सवाल उठाया है कि क्या मैदानों का भी आरक्षण हो गया ?

सवर्ण और ओबीसी के कार्यक्रमों में लाखों की भीड़ इकठ्ठी हो रही है। पिछले दिनों उज्जैन में हुए कार्यक्रम और उसके भीड़ की चर्चा राजनीतक हल्कों में जबर्दस्त हो रही है। ओबीसी और सवर्ण संगठनों का कहना है कि प्रशासन ने भाजपा के इशारे पर शहर से दूर ग्राउंड दिया है।

5 हजार की बंदिश भी लगाई
जिला प्रशासन द्वारा सपाक्स के कार्यक्रम के लिए जिस स्थान पर अनुमति दी गई है वह कलियासोत डेम से सटा है। यहां 30 सितम्बर को सभा की अनुमति इस शर्त पर दी गई है कि पांच हजार से अधिक लोग नहीं आएंगे। सपाक्स युवा संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष अभिषेक सोनी ने सवाल उठाया कि ऐसा लगा रहा है जैसे मैदानों का भी आरक्षण हो गया हो। अब क्या सपाक्स वर्ग को अपना विरोध प्रदर्शन, रैली या सभाओं में भी रोक लगाई जाएगी।

लगातार हो रहा भेदभाव
सपाक्स के संरक्षक हीरालाल त्रिवेदी ने सरकार को घेरा । त्रिवेदी ने बताया सरकार ने सपाक्स के साथ हमेशा ही भेदभाव किया है। सभा के लिए मैदान की अनुमति इतनी दूर दी गई है, जबकि बाकी दलों को शहर के बीच भेल दशहरा मैदान, जम्बूरी मैदान, यादगारे शाहजहांनी पार्क, नीलम पार्क, अंबेडकर पार्क में सभा की अनुमति दी जाती रही है।


2 comments:

  1. देश भरके आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपने लगातार हो रहे शोषण का बदला सत्ता परिवर्तन कर के लेने की सपथ ले रहे है।आउटसोर्स के नाम पर कर्मचारियों का दमन करतीऔर करती है सरकार ।इस चुनाव में ही दिखेगा इसका सीधा असर।

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  2. देश भरके आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपने लगातार हो रहे शोषण का बदला सत्ता परिवर्तन कर के लेने की सपथ ले रहे है।आउटसोर्स के नाम पर कर्मचारियों का दमन करतीऔर करती है सरकार ।इस चुनाव में ही दिखेगा इसका सीधा असर।

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