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स्वर्गीय राजेन्द्र सिंह के परिवार से मिले सपाक्स पदाधिकारी, सरकार से की मांग



SC/ST एट्रोसिटी एक्ट ने ली जान
एट्रोसिटी एक्ट बना कातिल
सामान्य, ओबीसी एट्रोसिटी एक्ट के दर से आत्महत्या को लगा रहे गले
भोपाल: SC/ST एट्रोसिटी एक्ट में हुए संशोधन धीरे धीरे लोगों की जान तक लेने लग गए हैं। शुक्रवार को विदिशा जिले के कोतवाली थानान्तर्गत ग्राम गजार मूंदरा एक बेहद दुखद घटना हुई। राजेंद्र सिंह नाम के युवक की सुंदरलाल अहिरवार नामक व्यक्ति से विवाद हो गया था। वहां उपस्थित लोगों ने बीच बचाव किया, पर उस दौरान लोगों ने कहा कि सुंदरलाल अहिरवार श्री राजेंद्र सिंह पर भयानक वाले SC/ST एक्ट में मुकदमा कर देगा और राजेंद्र का जीना दूभर हो जाएगा। उसे पूरी जिंदगी कोर्ट के चक्कर लगाने पड़ेंगे। इससे घबराकर श्री राजेंद्र ने घर पहुँचते ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सरकार की SC/ST एट्रोसिटी एक्ट में गलत भूमिका ने आज एक व्यक्ति की जान ले ली।

इस घटना की जानकारी मिलते ही सपाक्स के उपाध्यक्ष द्वय श्री विजय वाते और सुश्री वीणा घाणेकर तुरंत उनके परिवार से मिलने गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही अंदेशा था कि यह काला कानून लोगों की मौत का भी कारण बनने लगेगा। जिसका डर था आखिर वही हुआ। उन्होंने सरकार से मांग की, कि

1) मृतक को परिवार को 1 करोड़ रूपये की आर्थिक मदद की जाए।
2) सुंदरलाल अहिरवार पर 306 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए।
3) एट्रोसिटी एक्ट के 2016 और 2018 के संसाधनों को वापस लिए जाए ताकि ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


इस दौरान सपाक्स की महिला इकाई के साथ मिलकर सपाक्स के सभी साथियों ने श्री राजेंद्र को श्रद्धांजलि दी।

साथ ही उन्होंने घोषणा की कि वो हर जिले में श्री राजेंद्र की श्रद्धांजलि सभा आयोजित करेंगे और पूरे प्रदेश के लोगों को इस काले कानून के परिणाम बताएँगे। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक इस काले कानून को वापस नहीं लिया जाता सपाक्स का संघर्ष जारी रहेगा।

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