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सर्वधर्म समभाव क¨ बढ़ावा देने के लिये नया अध्यात्म विभाग गठित मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने एक अ©र वचन किया पूरा

सर्वधर्म समभाव क¨ बढ़ावा देने के लिये नया अध्यात्म विभाग गठित

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने एक अ©र वचन किया पूरा

अनूपपुर / प्रदीप मिश्रा - 8770089979

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वचन-पत्र के संकल्पानुसार नवीन अध्यात्म विभाग के गठन का निर्णय लिया है। नये विभाग में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व तथा आनंद विभाग संविलियित रहेंगे। साथ ही अभी तक कार्यरत धार्मिक न्यास तथा धर्मस्व संचालनालय, तीर्थ एवं मेला प्राधिकरण, मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन य¨जना संचालनालय अ©र राज्य आनंद संस्थान समाहित रहेंगे।

सर्वधर्म समभाव के लिये बनेगा नया विभाग

अध्यात्म विभाग के गठन का उद्देश्य सभी धमर्¨ं, पंथ¨ं अ©र आस्थाअ¨ं क¨ समाहित करते हुए प्रदेश में अंतर साम्प्रदायिक सद्भाव अ©र सर्वधर्म समभाव क¨ मजबूत करना है। अमेरिका, इंग्लैण्ड, अर्जेंटीना, अफगानिस्तान, अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रूनेई, म्यांमार, ट्यूनीशिया, इण्ड¨नेशिया, डेनमार्क आदि अनेक देश में विभिन्न नाम से अध्यात्मिक मामल¨ं का विभाग कार्यरत है।

धार्मिक न्यास अ©र धर्मस्व एवं आनंद विभाग के कार्य लगभग समान

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग द्वारा शासन संधारित मंदिर¨ं का जीणर्¨द्धार, पुजारिय¨ं क¨ मानदेय, धर्मशाला निर्माण, धार्मिक स्थल¨ं की यात्रा, तीर्थ एवं मेला विकास के कार्य किये जाते हैं। आनंद विभाग का उद्देश्य भी नागरिक¨ं की खुशहाली एवं परिपूर्ण जीवन उपलब्ध कराना है। यह उद्देश्य भी प्रस्तावित अध्यात्म विभाग में अपने आप ही समाहित ह¨गा। अध्यात्म धर्म का विर¨धी नहीं है, बल्कि यह एक दिव्य अ©र सार्वभ©म चेतना के अनुभव पर बल देता है। विकसित देश¨ं के विभिन्न अस्पताल¨ं में भी डिपार्टमेंट आॅफ स्पिरिचुअल केयर ह¨ता है।

अध्यात्म विभाग के उद्देश्य

प्रस्तावित अध्यात्म विभाग के उद्देश्य¨ं में सभी समुदाय¨ं में एक काॅमन विजन अ©र अपनत्व ब¨ध का विकास, विभिन्न पृष्ठभूमि अ©र परिस्थितिय¨ं के ल¨ग¨ं की विविधता का सम्मान करते हुए उनमें आपसी समझ अ©र स©हार्द का विकास, जिम्मेदार नागरिक का विकास, भ्रूण हत्या, स्वच्छता मिशन अ©र साम्प्रदायिक तनाव¨ं के समय शांति स्थापना, ग©-वंश संरक्षण जैसे विषय¨ं में विभिन्न धर्मगुरुअ¨ं के माध्यम से प्रेरणा संचार, संत शक्ति का रचनात्मक उपय¨ग, ल¨क न्यास, अ©काफ, धार्मिक मेल¨ं, तीथर्¨ं, तीर्थ-यात्राअ¨ं आदि का उचित प्रबंधन, आनंद की अवधारणा का निय¨जन, नीति निर्धारण अ©र क्रियान्वयन शामिल हैं।

अध्यात्म विभाग के प्रमुख कार्य

प्रस्तावित अध्यात्म विभाग के प्रमुख कायर्¨ं में भारत एवं मध्यप्रदेश के कम्प¨जिट कल्चर के विकास के लिये सतत प्रयास, प्रदेश के सभी समुदाय¨ं के बीच शांति अ©र मैत्रीपूर्ण सह अस्तित्व की भावना का विकास, देश-प्रदेश के महत्वपूर्ण सामाजिक एवं नागरिक लक्ष्य¨ं क¨ प्राप्त करने में विभिन्न धमर्¨ं की संत शक्ति का उपय¨ग, शासकीय देव स्थान¨ं की चल-अचल सम्पत्तिय¨ं का सुव्यवस्थित संधारण अ©र धर्म-स्थान¨ं का विकास तथा संरक्षण, उपासना स्थल¨ं की सम्पदा का वैज्ञानिक मूल्यांकन, उपासना स्थल¨ं की सामाजिक-सांस्कृतिक उपस्थिति क¨ विकसित करना, धार्मिक पर्यटन क¨ प्र¨त्साहित करने के लिये पर्यटन विभाग से समन्वय, पुजारी, सेवादार, मुजाबिर आदि के लिये मानदेय की व्यवस्था अ©र कल्याणकारी य¨जनाअ¨ं का निर्माण, धार्मिक एवं पूर्व न्यास¨ं का प्रशासन, उद्यानिकी विभाग के सहय¨ग से मंदिर उद्यान अ©र ग्रामीण विकास विभाग के सहय¨ग से मंदिर सर¨वर¨ं का पुनरुद्धार, माँ नर्मदा न्यास अधिनियम आदि विभिन्न विधिक व्यवस्थाअ¨ं का विकास एवं प्रवर्तन शामिल हैं।

ताप्ती, मंदाकिनी अ©र क्षिप्रा नदी न्यास का भी ह¨गा गठन

साथ ही सूर्यपुत्री माँ ताप्ती नदी, माँ मंदाकिनी नदी अ©र माँ क्षिप्रा नदी न्यास के गठन की कार्यवाही भी ह¨गी। प्रदेश की पवित्र नदिय¨ं क¨ जीवित इकाई बनाने के लिये कानून बनेगा। शासकीय एवं ऐतिहासिक धर्मस्थान¨ं के संधारण के लिये विशेष पैकेज, रामपथ गमन के प्रदेश में पड़ने वाले अंचल¨ं का विकास, धार्मिक स्थल¨ं पर लगने वाले मेला आय¨जन स्थल पर भीड़ एवं सुरक्षा प्रबंधन, धर्मस्थल¨ं की सम्पत्तिय¨ं क¨ अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिये राजस्व एवं नगरीय प्रशासन विभाग का समन्वय, प्रदेश एवं प्रदेश के बाहर चिन्हित तीर्थ-स्थल¨ं की यात्रा एवं प्रबंधन, आनंद मापन के मानदण्ड एवं कार्यक्रम¨ं की पहचान, आनंद का प्रसार बढ़ाने के लिये विभिन्न विभाग के बीच समन्वय अ©र आनंद विषय पर एक ज्ञान संसाधन केन्द्र की तरह कार्य करना शामिल है।

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