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अधीक्षण यंत्री और ठेकेदार के मिलीभगत से दोहरी मार झेल रहे बिजली उपभोक्त विलंब शुल्क के साथ बिजली बिल निकालने व जमा करने के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से लाखों रुपये वसूले जा रहे बिजली बिल के लिए दर दर भटक रहे बिजली उपभोक्ता

अधीक्षण यंत्री और ठेकेदार के मिलीभगत से दोहरी मार झेल रहे 

बिजली उपभोक्त विलंब शुल्क के साथ बिजली बिल निकालने व जमा करने के नाम पर बिजली उपभोक्ताओं से लाखों रुपये वसूले जा रहे

बिजली बिल के लिए दर दर भटक रहे बिजली उपभोक्ता

शहडोल /  प्रदीप मिश्रा - 8770089979

बिजली विभाग के शहडोल संभाग के अनूपपुर, शहडोल एवं उमरिया जिले के अधीक्षण यंत्री और पहल ठेकेदार की मिली-भगत का अब सीधा असर गरीब आम बिजली उपभोक्ताओं पर देखने को मिल रहा है|विभाग द्वारा माह जनवरी से बिजली बिल वितरण एवं फोटो रीडिंग का ठेका पहल ठेकेदार को दिया गया है परंतु न तो हर एक घर मे बिजली बिल बाटें जा रहे और न ही रीडिंग की जा रही है आलम यह है कि बिजली बिल के लिए आम बिजली उपभोक्ता को दर दर भटकना पड़ रहा है विगत तीन माह से बिजली बिल न बाटे जाने एवं मनमौजी रीडिंग कभी औसत खपत तो कभी पिछले रीडिंग देख कर बढ़ा कर यूनिट भरे जाने पर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में अनाप शनाप रुपये बढ़ कर आ रहे है वहीं विभाग के द्वारा विगत कुछ माह से अचानक एक तुगलकी फरमान जारी कर मेनुवल बिल जमा काउंटर बंद करा कर पुनः ठेका देकर ठेकेदार को बिल जमा करने के लिए सी. ए.सी. काउंटर खोलवा दिए गए परन्तु ठेकेदार को दिए गए इस काउंटर में केवल वितरण केन्द्रों में ही निःशुल्क बिल जमा हो पाते है पर हकीकत तो यह है कि बाकी सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ठेकेदार के काउंटरों पर बिजली उपभोक्ताओं से बिजली बिल निकलवाने के पांच रुपये और फिर उस बिल की राशि भुगतान जमा करने पर भी पांच रुपये कुल दस रुपये प्रति बिल एवं विलंब शुल्क जोड़ कर लिये जा रहे है जिससे उपभोक्ताओं को विभाग द्वारा दोहरी मार झेलनी पड़ रही है |जहाँ एक ओर नई सरकार द्वारा अपने वचन पत्र में गरीब किसान आम बिजली उपभोक्ताओं को बिजली बिल कम से कम राशि देने की बात की हैं वही दूसरी ओर सरकार के वचन पत्र को दरकिनार कर शहडोल संभाग के अधीक्षण यंत्री और ठेकेदार द्वारा साठ गाँठ कर बिजली उपभोक्ताओं से प्रत्येक माह लाखों रुपए वसूल किये जा रहे है|

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