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REWA NEWS : रीवा जिले के किसानों की धान खरीदी का मामला, मुख्यमंत्री तक शिकायत लेकिन अब तक नही पहुंचा किसानों का पैसा



रीवा : जिले के किसानों को किस तरह से लूटा खसोटा जा रहा है इसका जीता जागता उदाहरण रीवा में मिल रहा है। यह कार्य स्वयं सरकारी पदों में बैठे सरकारी मुलाजिम और सरकार ही कर रहे हैं।

रीवा जिले के हज़ारों किसानों का धान खरीदी का पैसा आज तीन महीनों बाद भी किसानों के खाते में न पहुंच पाना मप्र की वर्तमान सरकार के वादों और इरादों में खोंट को दर्शाता है। जहां पहले किसान ऋणमाफी के नाम पर किसानों को टार्चर किया गया वहीं अब उनकी स्वयं की खून पसीने की गाढ़ी कमाई से उपार्जित की गयी फसल का पैसा तक उनके खातों में नही भेजा जा रहा है।

सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री मप्र शासन भोपाल तक की गयी कंप्लेन
इस बाबत शिकायत मप्र के मुख्यमंत्री कमलनाथ के ईमेल और ट्विटर हैंडल में भी की गयी है। जिले के लगभग सभी पीड़ित किसानों का हवाला देकर एवं साथ ही बांस सेवा सहकारी समिति के 250 से अधिक पीड़ित किसानों का हवाला देकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के लिखे प्रपत्रों को संलग्न करके जानकारी भेजी गयी है और कार्यवाही की माग की गयी है।

एक दूसरे पर मढ़ रहे जिम्मेदारी
किसानों के धान के रुके हुए पैसे के विषय मे खाद्य, नागरिक आपूर्ति निगम, एवं सीएम आफिस और सीएम हाउस भोपाल में संपर्क करने का प्रयाश किया गया लेकिन बात के दौरान मात्र एक ही बात सामने आ रही है और वह जिम्मेदारी न लेते हुए एक दूसरे के ऊपर मामला मढ़ रहे हैं।

किसानों का भविष्य अंधकारमय
अब जिस प्रकार से आज महीनों बाद भी किसानों के धान खरीदी का पैसा उनके खातों में नही पहुंच रहा है उससे किसानों का भविष्य अंधकारमय हो चुका है। छोटे और सीमांत किश्म के किसानों के लिए यही धान गेहूं का ही पैसा उनका आधार था जिससे उनका तेल नमक का खर्चा चल रहा था लेकिन जिस प्रकार से किसानों को लटकाया गया है उससे उनके सभी छोटे बड़े घरेलू कार्य भी लटक चुके हैं।

किसानों की होली बिना रंग की
ऐसे हज़ारों किसानों की होली जिनका अपनी बेंची हुई फसल का पैसा नही मिल पाया है बेरंग गुजरने वाली है।

होली के मौसम में किसान दक एक पैसे के लिए मोहताज रहने वाला है।

संलग्न – सीएम कमलनाथ एवं सीएस को भेजा गया ईमेल और ट्विटर के संदेश।




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