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मोदी जी ने किसानों को अधिकार दिये, तो कांग्रेसियों का पेट क्यों दुख रहा है? | MP NEWS

 

रीवा-जबलपुर के किसान सम्मेलन में बोले नेता-भाजपा जानती है किसानों का दर्द

भोपाल/जबलपुर/रीवा। जिन कमलनाथ ने मुख्यमंत्री रहते किसानों को एक रुपया नहीं दिया, वो किसानों की बातें कर रहे हैं। जिन राहुल गांधी को ये नहीं पता कि खेती कैसे होती है, वे कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी किसानों का दुख-दर्द जानती है और इस देश में अगर कोई सच्चा किसान हितैषी है, तो वो हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी हैं। उन्होंने कृषि कानून बनाकर किसानों को अधिकार संपन्न बनाया है। लेकिन किसानों को अधिकार मिलने से कांग्रेस के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? यह बात बुधवार को रीवा-जबलपुर संभागों के किसान सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान और भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कही।

कांग्रेसियों को उपवास नहीं, किसानों से किये पाप का प्रायश्चित करना चाहिएः चौहान
रीवा से मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने इंदौर, सागर और ग्वालियर संभाग के किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सुना है दिग्विजयसिंह और कमलनाथ उपवास करने वाले हैं। उन्हें कृषि कानून किसानों के साथ अन्याय दिखाई दे रहे हैं। इन लोगों को उपवास तो करना चाहिए, लेकिन अपने उन पापों के प्रायश्चित के लिए करना चाहिए, जो इन्होंने प्रदेश की जनता के साथ किए हैं। दिग्विजय सिंह 10 साल मुख्यमंत्री रहे, इन्होंने बाणसागर परियोजना को पूरा नहीं होने दिया। इन्होंने विंध्य को, मालवा को, ग्वालियर अंचल की धरती को सूखा रखा, इसके लिए इन्हें प्रायश्चित करना चाहिए। कमलनाथ जनता का हक खा गए। इन्होंने कर्जमाफी के नाम पर किसानों से झूठ बोला और झूठे प्रमाण पत्र बांटकर किसानों को डिफाल्टर बना दिया। इन्हें किसानों के साथ किए गए इस पाप के लिए प्रायश्चित करना चाहिए।

जिन्होंने अन्याय किया, वो कर रहे किसानों की बात
शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि हमारी सरकार बनने पर जब फाइलें देखी, तो पता चला कमलनाथ सरकार ने फसल बीमा की प्रीमियम के 2200 करोड़ जमा नहीं किए, जिससे किसानों को लाभ नहीं मिला। ये किसानों के साथ पाप है कि नहीं? लेकिन ये भाजपा की सरकार है, हमने प्रीमियम जमा की और 3100 करोड़ रुपये किसानों के खातों में जमा किए। इन्होंने 2019 की प्रीमियम भी जमा नहीं की, हमने प्रीमियम चुकाकर 4600 करोड़ रुपये किसानों को दिये। हम 0 प्रतिशत पर किसानों को कर्ज देते थे, इन्होंने बंद कर दिया। आज ये किसानों की बात करते हैं, इन्होंने बैंकों को पैसा दिये बिना कर्जमाफी के झूठे प्रमाण पत्र बांट दिये। इन्हें अपने इन पापों का प्रायश्चित करना चाहिए। इन्होंने किसान सम्मान निधि के लिए किसानों की सूची नहीं भेजी, ये पाप है कि नहीं? हमने इसमें 4 हजार रुपये और जोड़ दिये। श्री चौहान ने कहा कि जिन किसानों की फसल खराब हो गई है, उनके खातों में हम 18 तारीख को 1600 करोड़ रुपये और डालेंगे। क्या कभी कमलनाथ ने किसानों के खातों में पैसे डाले थे? अब ये किसानों की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को यह नहीं पता कि गुड़ गन्ने के रस से बनता है या मशीन से, ज्वार का भुट्टा ऊपर लगता है या नीचे, वो किसानों की बात कर रहे हैं।  

मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए किसानों के कंधे पर रखे रहे बंदूक
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि इस देश में अगर कोई सबसे बड़ा किसान हितैषी है, तो वो हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी हैं। उन्होंने किसानों की बेहतरी के लिए शॉर्ट टर्म और लांग टर्म योजनाएं बनाईं। खेती की लागत कम करने के उपाय किए, स्वाइल हेल्थ कॉर्ड बनवाए। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके, इसकी व्यवस्था की। हमारे प्रधानमंत्री जी ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए फसल बीमा योजना लागू की। लांग टर्म योजना के तहत उन्होंने कृषि कानून बनाए, किसानों को अधिकार दिये। इससे कांग्रेसियों के पेट में दर्द हो रहा है और वे मोदी- मोदी कर रहे हैं। श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेसी मैदान में मोदी जी का मुकाबला नहीं कर सकते। हर जगह हार रहे हैं। इसलिए अब ये किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर चला रहे हैं। कुछ देश तोड़ने वाले लोग भी इनके साथ मिल गए हैं।

किसानों के हित में हैं तीनों कानून
शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि मोदी जी ने जो कृषि कानून बनाए हैं, वो तीनों ही किसानों के हित में हैं। पहले कानून में किसानों को उनकी उपज बेचने और मूल्य तय करने की स्वतंत्रता दी गई है। लेकिन कांग्रेस के लोग अफवाह फैला रहे हैं कि मंडियां बंद हो जाएंगी, एमएसपी बंद हो जाएगी, जबकि ऐसा कुछ नहीं होगा। दूसरा कानून है कांट्रेक्ट फार्मिंग के लिए। किसान अपनी उपज को बेचने के लिए किसी कंपनी या व्यापारी से समझौता कर सकता है और अगर बाजार में उसकी उपज के दाम ज्यादा मिलते हैं, तो वो समझौते से बाहर भी आ सकता है। हमारे प्रदेश के पिपरिया में ही इस कानून के आधार पर अभी एक किसान को पैसे दिलाए गए हैं। इसके बारे में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि कंपनी या व्यापारी किसान की जमीन पर कब्जा कर लेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं होने वाला। तीसरा कानून है भंडारण की लिमिट खत्म करने का। जब व्यापारी ज्यादा भंडारण करेगा, तो किसानों से ज्यादा माल खरीदेगा और जब ज्यादा खरीदारी होगी, तो किसानों की उपज के दाम गिरेंगे नहीं। श्री चौहान ने कहा कि इन तीनों कानूनों में कोई खराबी नहीं है, आप बताइये इन्हें लागू होना चाहिए या नहीं। इस पर सम्मेलन में उपस्थित किसानों ने हाथ उठाकर कृषि कानूनों और प्रधानमंत्री श्री मोदी का समर्थन किया।

मध्यप्रदेश का किसान प्रधानमंत्री जी के साथ हैः विष्णुदत्त शर्मा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी मंडियों और एमएसपी के बंद होने का झूठ फैला रहे हैं, जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर समेत मध्यप्रदेश में भी मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ़ कहा है कि मंडी और एमएसपी दोनों चालू रहेंगे। नये कृषि कानून में यह प्रावधान है कि किसान चाहे तो मंडी में या अपने खेत में ही व्यापारी को बुलाकर फसल का सौदा अपनी इच्छानुसार कर सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान ने कभी किसानों को प्रलोभन नहीं दिया,  हमने गरीबी हटाने का नारा नहीं दिया बल्कि गरीबों और किसानों के आर्थिक रूप से विकसित करने के लिए ठोस काम किया है। उन्होंने कहा कि किसान सम्मेलनों में उमड़ रही भीड़ से साफ है कि मध्यप्रदेश का किसान मोदी जी के हाथ मजबूत करने को तैयार है। देश का किसान मोदी जी के साथ है।

कमलनाथ बताएं किसानों को लेकर उनके दोहरे मापदंड क्यों
विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि कृषि कानून को लेकर आज जो कांग्रेस विरोध कर रही है वही कांग्रेस यूपीए सरकार में इसके समर्थन में खड़ी थी। उन्होंने कहा कि 9 साल पहले कमलनाथ जी ने सांसद रहते छिंदवाड़ा में कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग की शुरुआत करवाई थी। आज वही कमलनाथ जी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग का विरोध कर रहे हैं। कमलनाथ जी किसानों को यह बताएं कि कृषि बिल को लेकर उनके दोहरे मापदंड क्यों है? उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन के नाम पर किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर अलगाववादी ताकतें सक्रिय होने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन से अवार्ड वापसी गैंग का क्या सम्बंध है। ये वही लोग हैं जो सीएए को लेकर विरोध कर रहे थे, जो धारा 370 को लेकर विरोध कर रहे थे। ये लोग देश को अस्थिर करना चाहते है, आगे नही बढ़ने देना चाहते।

प्रधानमंत्री ने किसानों को उपज की कीमत तय करने का अधिकार दिया
विष्णुदत्त शर्मा ने सम्मेलन में मौजूद किसानों को नये कृषि कानून के फायदे गिनाते हुए कहा कि कोई उद्योगपति या कलाकार अपने उत्पाद की कीमत तय कर सकता है, तो खेतों में हाड़तोड़ मेहनत करने वाले किसान अपनी उपज की कीमत क्यों तय नहीं कर सकते? प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने यह फैसला लिया ओर नये कृषि कानून के जरिये किसानों को उनका अधिकार देकर उन्हें सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि मोदी जी ने किसानों को अपनी उपज की कीमत तय करने और फैसले लेने की स्वतंत्रता दी तो कांग्रेस और वामपंथी दलों को तकलीफ होने लगी, क्योंकि दशकों से किसानों और गरीबों के साथ इन लोगों ने राजनीति खेलकर उनके वोट हासिल करने का काम किया है।

किसान आंदोलन को कांग्रेस और विपक्षी दल हवा दे रहे : कुलस्ते
जबलपुर में किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कहा कि आज़ाद भारत के इतिहास में किसी भी सरकार और किसी भी प्रधानमंत्री ने किसानों के हित की चिंता नही की। श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही खेती को लाभ का धंधा बनाने की दिशा में काम किया। मध्यप्रदेश में पिछले 15 वर्षों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों के सम्मान और उनके हित के लिए जो किया है वह भूतो न भविष्यति है और इसी कारण आज मध्यप्रदेश देश का सबसे अधिक उपार्जन वाला प्रदेश बना है। उन्होंने कहा कि जब इन किसानो के हित के लिए संसद में कृषि बिल पेश हुआ तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी वहाँ मौजूद नही थे। लेकिन अब किसानों को भड़काने और भ्रमित करने का काम कर रहे उन्होंने कहा कि जो लोग किसान आंदोलन के नाम पर कृषि कानून का विरोध कर रहे है। कांग्रेस और वामपंथी दल किसान आंदोलन को हवा देने का काम कर रहे है लेकिन देश और मध्यप्रदेश का किसान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के साथ है।

जबलपुर में किसान सम्मलेन में कार्यक्रम का संचालन प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विनोद गोटिया एवं आभार जिलाध्यक्ष श्री जीएस ठाकुर ने माना। पार्टी के राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे, आयुष मंत्री रामकिशोर कावरे, पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद ढालसिंह बिसेन, सम्पतिया उइके, प्रदेश मंत्री कन्हैयाराम रघुवंशी, संभागीय संगठन मंत्री शैलेन्द्र बरुआ, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अभिलाष पांडे, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष लता ऐलकर, विधायक अजय विश्नोई, अशोक रोहाणी, सुशील तिवारी इंदु, नंदनी मरावी, जालम सिंह पटेल, संदीप जायसवाल, श्री देवीसिंह सैयाम, दिनेश राय मुनमुन, राकेश पाल सिंह, सहित संभाग के समस्त जिलाध्यक्ष एवं विधायकगण मंचासीन थे।

रीवा किसान सम्मेलन में पूर्व मंत्री व विधायक श्री राजेन्द्र शुक्ला, प्रदेश शासन के मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह, श्री रामखेलावन पटेल, सांसद श्री गणेश सिंह, श्रीमती रीति पाठक, विधायक श्री नागेन्द्र सिंह, श्री गिरीश गौतम, श्री केपी त्रिपाठी, श्री प्रदीप पटेल, श्री दिव्यराज सिंह, श्री पंचूलाल प्रजापति, श्री श्यामलाल द्विवेदी, जिलाध्यक्ष श्री अजय सिंह, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री श्री गौरव तिवारी, श्री जुगलकिशोर बागरी, श्री कुंवर सिंह टेकाम, श्री केदार शुक्ला, श्री रामलल्लू वैश्य, श्री विक्रम सिंह मंचासीन थे। मंच का संचालन प्रदेश महामंत्री श्री सरतेन्दु तिवारी और आभार सांसद श्री जनार्दन मिश्रा ने माना।




 

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